वो 13 बड़े बदलाव जो Modi के 3 साल के कार्यकाल में हुए

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26 May 2014 को Narendra Modi ने प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ली थी. वो इस देश के 14th Prime Minister बने. NDA की सरकार बने तीन साल हो गए हैं और उनके इस सफर में कई बड़े बदलाव हुए. इस दौरान कुछ विवाद भी हुए और कुछ ऐतिहासिक फैसले भी लिए गए. कुछ फैसलों के लिए Narendra Modi की खूब सराहना हुई तो कुछ ऐसे भी फैसले रहे जिन्हें जमकर कोसा गया. लेकिन इन फैसलों से हमारे देश में क्या बड़े बदलाव आये? आइये जानते हैं :

Narendra Modi कार्यकाल के बड़े बदलाव –

1. India Today के एक survey के मुताबिक भारत के करीब 60% लोग Narendra Modi की सरकार से संतुष्ट हैं.

2. लेकिन इसी survey के अनुसार, BJP से असंतुष्ट लोगों के आंकड़े 36% से बढ़कर 39% हो गए

3. National Crime Records Bureau के मुताबिक, औरतों पर हो रही हिंसा के मामले 2012 में 41.7% थे लेकिन साल 2015 में ये बढ़कर 54% हो गए.

4. World Bank के अनुसार, गरीबी रेखा के नीचे लोगों की संख्या 4.5 करोड़ तक घट गयी है. इसके बावजूद भी गरीबी रेखा के नीचे अब भी 22 करोड़ लोग हैं.

5. BJP के चुनावी प्रचार के दौरान रोज़गार बढ़ाने की बात की गयी थी लेकिन इसके उलट बेरोज़गारी की दर और बढ़ गयी है. पहले ये 4.9 % थी पर अब ये 5% हो गयी है.

6. औरतों के रोज़गार की दरें साल 2013 में 8% थी अब ये बढकर 9% हो गयी है.

7. Labour Ministry की एक Data के अनुसार, अक्टूबर 2016 तक 1.51 करोड़ Jobs create की गयी थी. ये उसके पिछले तीन साल से करीब 39 % कम है. इसके पिछले तीन सालों में 2.47 करोड़ jobs create की गयीं हैं.

8. पिछले तीन सालों में GDP बढ़ी है. साल 2013-14 में ये 6.9% थी.

9. Hindustan Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, UP में communal violence बढ़ा है. लेकिन Home Ministry की data की मानें तो साल 2016 में 703 लोगों की सांप्रदायिक हिंसा में मौत हुई है जबकि 2013 में ये आंकड़े 823 थे.

10. National Crime Records Bureau की मानें तो जाति के आधार पर हिंसा के मामले भी पिछले कुछ सालों बढ़ें हैं.

11. इस साल के बजट में Defence को 2.74 lakh crore मिले हैं जबकि साल 2013 में ये सिर्फ 2 lakh crore थे.

12. साल 2017 के बजट में शिक्षा के लिए भी 79,685 crore दिए गए हैं जबकि 2013 में ये राशि 66,000 crore थी.

13. World Bank के हाल ही में आये आंकड़ों के मुताबिक Primary schools के Gross enrolment ratio में साल 2011-12 से 2014-15 में 1% की गिरावट आयी है

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