शंकरसिंह वाघेला की ‘घर वापसी’,बीजेपी को है इन्तजार

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Sankarsinh Vaghela

चुनाव इफेक्ट  : गुजरात की राजनीति में इन दिनों विपक्ष के नेता शंकरसिंह वाघेला को लेकर बाजार गर्म है। उनके बीजेपी में जाने के कयास लग रहे हैं। बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व वाघेला को अपनी पूर्व पार्टी में वापस आनेका इन्तजार कर रही है। उन्हें वापस लाने में सफल न होने की स्थिति में बीजेपी नेतृत्व कम से कम ठाकुर समुदाय पर बापू के प्रभाव को समाप्त करना चाहता है क्योंकि इस समुदाय का विशेष तौर पर उत्तर गुजरात की विधानसभा सीटों पर काफी इफेक्ट है, जहां अभी बीजेपी पाटीदार समुदाय की नाराजगी का सामना कर रही है।

अन्य राज्यों जैसे गुजरात में भी पक्षांतर की कहानी दोहराई जा सकती है। वहीं, कांग्रेस के लिए केवल एक व्यक्ति जमीनी स्तर पर महत्व रखता है और वह वाघेला बापू हैं। उन्हें बीजेपी में लाना समझदारी होगी क्योंकि उनका अभी भी ठाकुर समुदाय पर काफी प्रभाव है और वह 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए ही नहीं, बल्कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि वाघेला 77 वर्ष के हो चुके हैं और जो भी होना है वह अभी होगा। अगर यह अभी नहीं तो कभी नहीं एसा होगा ।

Image result for Sankarsinh Vaghela MODIइस तरफ, वाघेला पिछले कुछ समय से कांग्रेस हाई कमान से नाराज चल रहे हैं। राज्य में पार्टी नेतृत्व ने भी उनकी नाराजगी दूर करने की कोई कोशिश नहीं की है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी के मौजूदा नेतृत्व को घमंडी, माना जा रहा है और ऐसे में पार्टी के अंदर वाघेला के लिए समर्थन बढ़ा है। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि वाघेला राज्य में प्रचार के लिए स्वतंत्रता के साथ काम करना चाहते हैं, लेकिन राज्य में पार्टी का नेतृत्व केवल हाई कमान से निर्देश लेता है और इस वजह से वाघेला को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहता। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि वाघेला ने पार्टी के सामने स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी में शामिल नहीं होना चाहते। उन्होंने हाई कमान से कहा है कि अगर विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है तो वह उसकी जिम्मेदारी नहीं लेंगे। वाघेला का मानना है कि आगामी चुनाव में स्थितियां कांग्रेस के लिए बेहतर हैं और पार्टी की जीत की अच्छी संभावना है। यु की ये सत्य से काफी दूर है |